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ज्योति मौर्य को समझे एक दुखी औरत के रूप मैं वक़्त निकाल के ज़रूर पढ़े\

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ज्योति मौर्य एक दुखी औरत जिसके साथ हुआ ये न इंसाफ

भले ही सबूत और गवाह ज्योति मौर्य के खिलाफ हो और उनको बुरा भला कहते हो लेकिन हर बात के दो पहलू होते हैं. जैसे एक गलत एक सही। आपको बता दें रिपोर्ट के अनुसार जब ज्योति की शादी हुई तो वो महज़ 25 साल की थी. सब कह रहे की पति ने पढ़ाया पर क्या ये सही है ठीक है पति ने पढ़ाया लेकिन क्या बिना किस मकसद के नहीं उसे भी लगता था ये बड़े पद पर जायगी अच्छा पैसा कमाएगी मेरी ही मदद होगी। दो बेटियां हैं. मेरी नौकरी ऐसी नहीं है जो गुज़ारा हो सके.कही न कहीं अलोक के मन भी ये लालच था आज सारा ज़मान सिर्फ अलोक की तारीफ कर रहा है. हम अलोक मौर्य को गलत नहीं कहते हैं उसने ज्योति मेडम को पढ़ाने में मदद की ये भी अच्छा है. लेकिन क्या ज्योति मौर्य के माता पिता ने कुछ नहीं किया आज सारा का सारा क्रेडिट आप लोग अलोक दे रहे लेकिन कहीं उनके माता पिता की बात हुई. और छोड़ो इसको भी ये बताओ अगर ज्योति मेहनत न करती पैसा उड़ाती अपने अवैध सम्बन्ध में तो क्या वो पढ़ पाती बिलकुल नहीं। कईं कईं साल हो गए लोग अपने बच्चों को बीवियों को पढ़ा रहे हैं लेकिन वो एग्जाम क्लियर नहीं कर पा रहें हैं.तो मेहनत तो असली ज्योति की हैं. जिसका कहीं नामो निशान नहीं. आज जब वो उस पद पर पहुंच गई तो सारा क्रेडिट अलोक मौर्य को दे रहे क्यों. और दूसरी बात मर्द के ही हाथ में होता है औरत को संभालना अगर अलोक मौर्य कहते हैं की ज्योति मौर्य के सम्बन्ध है किसी से तो क्यों है क्यों तुम वो नहीं दे पाए जो उसको वो सम्बंद दे रहा है। ऐसे भी मर्द है दुनियां में जो अपनी बीवियों को इतना प्रेम देते हैं. की बीवियां प्रेम के आगे अपना सब त्याग देती है,पद भी त्याग देती हैं। उद्धरण भी आपके सामने है आप मीडिया पर देखेंगे तो आपको मिल जायगा लेकिन क्या कभी जानने की कोशिश की की आखिर क्यों ज्योति ने ये कदम उठाया। सदियों से चले आ रहे विवादों में मर्द को देखा गया है की घर में बीवी और बाहर भी अवैध सम्बन्ध लेकिन फिर भी औरत चुपचाप अपने सम्बन्ध निभाती है पति से. लेकिन आज ये क्या एक औरत की बात से सब इतने तिलमिला गए की देश में इसे ही सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया। अरे सोचो जो रात दिन ताने सुनती हो दहेज के ताने सुनती हो और फिर रात दिन जाग के मेह्नत करके कोई पद हासिल करे और दुनिया बोले की इसके दम पे हासिल किया तो क्या गुज़रेगी। और वो मर्द केसा जो अपनी बीवी को सबसे के सामने लेक खड़ा कर दे क्या रिश्ता इसी का नाम है क्या औरत अपनी मर्ज़ी से नहीं आगे जा सकती जब उसका दिल ही उस मर्द से खुश न हो तो वो भी क्या करे और आज सब सरहान उसको दे रहे पैसे की मद्दद तो सरकार भी करती है.और गरीब बच्चे उससे पढ़ लिख कर आगे बढ़ जाते तब उनको कहा जाता की अपनी मेहनत से मुकाम हासिल किया लड़के अपने माँ बाप की कमाएँ हुए पैसे से आगे बढ़ते हैं तो उनकी तारीफ की जाती है तब क्यों नहीं कहा जाता की इसकी वजह से ये मुकाम हासिल किया फिर आज ज्योति मौर्य की मेहनत की तरफ करने के बजाय सब लोग अलोक मौर्य की मेहनत क्यों कह रहे हैं. बताइये। है कोई जवाब आपके पास मैं.;अगर ज्योति मौर्य के माता पिता उसे नहीं पढ़ाते तो क्या आज वो इस मुकाम पर पहुंच पाती न वो खुद मेहनत करती तो ये मुकाम हासिल करती। और आपको बता दूँ की जो ज्योति मौर्य के साथ है. जिसका इलज़ाम उन पर लगा है वो भी मर्द है उसके घर में भी उसकी बीवी है, फिर औरत को ही क्यों बेवफाई के कटघरे में खड़ा करते हैं। वो बेवफाई करने वाला मर्द ही उसका तो कोई नामो निशान नहीं बस सब ज्योति मौर्य को ही कड़ी सजा देने की बात कर रहें क्यों आखिर क्यों? मर्द को क्या अवैध सम्बन्ध बनानां माफ़ है.और तो और इस मामले के बाद भी सजा ही औरतों को मिल रही सबके पति अपने बीवियों को वापिस बुला रहे हैं बेवफाई तो मर्द ने भी की है क्या किसी औरत ने बुलाया अपने मर्द को बहार से या किस ने आवाज़ उठाई इसके खिलाफ क्यों नहीं उठाई बोलो। गलती दोनों की है और इन दोनों की गलती के चककर में फिर बेटियां ही पीस रही इनकी दो बेटियां हैं दोनों बेटियों के उप्पर क्या गुज़र रही होगी जितना बेटियां माँ से प्यार करती इतना ही पिता से और दोनों फिर भी ऐसे ही लड़ रहे. इतना ही नहीं कोई भी औरत नहीं नहीं चाहती है उसका घर उजड़े जब पानी सर से उप्पर चला जाता है तो ये कदम उठान पड़ता है। केस तो अलोक का बहुत पहले से कोर्ट में चल है फिर ज्योति के SDM बनने के बाद ही क्यों हाई लाइट किया गया आप समझदार है। मुझे तो कभी कभी ऐसा लगता है की ये सारा विवाद जानबूझ कर कराया गया है.अब तो समझौते की बात भी सामने आ रही है खैर जो भी है मेरी सोच थी रख दी आप लोगो के सामने पर एक लड़की होने के नाते इस मामले को दिल से समझियेगा की केसा लगेगा की जो मुकाम आप हासिल करना चाहते हैं उस पर पहुंचने के बाद भी कड़ी मेहनत करने के बाद भी आपको दुनिया सकूँ न दें.

आखरी शब्द

मेने ये पोस्ट किसी की भवनाओ को ठेस पहुंचाने या दिल दुखाने के लिए नहीं लिखी है बस अपने विचार आप लोगो के सामने रखे हैं. अगर इससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे तो में दिल से माफ़ी मांगूंगी शुक्रिया मेरे ये विचार को गौर से पढ़ने के लिए

ज्योति मौर्य विवाद के पीछे की असली वजह क्या अलोक ने प्रिसिद्ध होने के लिए किया ये विवाद

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